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Wed, October 14,2026
आईसेक्ट विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य शिविर में 80 लोगों की हुई जांच
हुटपा मध्य विद्यालय परिसर में आयोजित शिविर में 55 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, जरूरतमंदों को नि:शुल्क दवाइयां भी दी गईं
हजारीबाग। आईसेक्ट विश्वविद्यालय, हजारीबाग की ओर से मंगलवार को हुटपा स्थित मध्य विद्यालय परिसर में एक दिवसीय स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई ने आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के सहयोग से शिविर का आयोजन किया। इसमें करीब 80 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। जरूरतमंदों को सामान्य बीमारियों में उपयोग होने वाली दवाइयां नि:शुल्क उपलब्ध कराई गईं। शिविर में विश्वविद्यालय के 55 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया और स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता संबंधी गतिविधियों में सहयोग किया।
शिविर में लोगों का रक्तचाप, रक्त शर्करा, वजन और बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की जांच की गई। इसके साथ ही लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया। सामान्य बीमारियों और उनके बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई। जरूरत के अनुसार सामान्य उपयोग की दवाइयां उपलब्ध कराई गईं, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता मिल सके।
समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता
इस अवसर पर कुलपति डॉ गौरव शुक्ला ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन लोगों तक बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं और जागरूकता को पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विश्वविद्यालय आगे भी सामाजिक सरोकारों से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहित करता रहेगा।
कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए भी प्रतिबद्ध है। इस तरह के शिविरों से स्थानीय समुदाय को प्रत्यक्ष लाभ मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।
समकुलपति डॉ एसआर रथ ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और समय पर जांच कई बीमारियों से बचाव में सहायक हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे शिविरों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और जरूरी सहायता उपलब्ध कराना सराहनीय पहल है।
फार्मेसी विभाग और एनएसएस की रही सक्रिय भूमिका
शिविर में डॉ आलोक राय, सचिदानंद बेहरा, रोहित लाल, एमडी खुस्तर अली, सरिता टुडू, गुलफशा नाज, प्रशांत राणा, शिवाजी भारद्वाज, शशिप्रभा सिंह, पारूल गुप्ता और दीपक शिखा ने स्वास्थ्य जांच एवं अन्य गतिविधियों में योगदान दिया। एनएसएस समन्वयक डॉ राजकुमार और डॉ प्रीति व्यास की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।