आईसेक्ट विश्वविद्यालय हजारीबाग में गुरुवार को आयोजित दो दिवसीय एआई प्रतियोगिता क्रिएट कर बेफिकर के पहले दिन विद्यार्थियों का उत्साह देखने लायक रहा। प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों से पहुंचे विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित इमेज क्रिएशन, वीडियो क्रिएशन और प्रोफेशनल रिज्यूमे मेकिंग जैसी गतिविधियों में अपनी रचनात्मक क्षमता और तकनीकी कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।
इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ गौरव शुक्ला ने कहा कि वर्तमान समय में एआई तकनीक शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवसाय और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से बदलाव ला रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एआई की समझ युवाओं के लिए एक अनिवार्य कौशल के रूप में उभरेगी और जो विद्यार्थी समय रहते इसे सीखेंगे, वे भविष्य की प्रतिस्पर्धा में आगे रहेंगे। कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करना भी है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता से पहले विशेषज्ञों की टीम द्वारा विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में एआई वर्कशॉप आयोजित की गई थी, जहां विद्यार्थियों को एआई के बुनियादी उपयोग, कंटेंट क्रिएशन, डिजाइनिंग और डिजिटल टूल्स की जानकारी दी गई। इसका सकारात्मक प्रभाव प्रतियोगिता में स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
समकुलपति डॉ एसआर रथ ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों को समान तकनीकी अवसर उपलब्ध कराना समय की जरूरत है। विश्वविद्यालय लगातार ऐसी पहल कर रहा है जिससे युवा डिजिटल दुनिया की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास के साथ कर सकें।
सीएस एंड आईटी विभाग के डीन उदय रंजन ने कहा कि एआई केवल तकनीक नहीं, बल्कि नवाचार और रचनात्मकता का नया माध्यम बन चुका है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। बताते चलें कि 16 मई को आईसेक्ट विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर प्रतियोगिता के विजेताओं को कैश प्राइज देकर पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। इस आयोजन को सफल बनाने में उदय रंजन, प्रभात कुमार, विजय लाल, अजय कुमार, हिमांशु चौधरी, अमित कुमार, सत्यार्थी ज्ञान प्रकाश, सूरज कुमार, प्रियंका कुमारी, वहीं विद्यार्थियों में शिवांशु, अंशु कुमार, कनक प्रभाकर, नितिन, अमित व सचिन का अहम योगदान रहा।