आईसेक्ट विश्वविद्यालय, हजारीबाग में स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ गौरव शुक्ला ने ध्वजारोहण किया और तिरंगे को सलामी दी। राष्ट्रगान के साथ उपस्थित विश्वविद्यालय परिवार ने देश के स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को नमन किया।
मौके पर कुलपति डॉ गौरव शुक्ला ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने दायित्वों और जिम्मेदारियों को याद करने का दिन है। आजादी हमें अनेक स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान से मिली है। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें शिक्षा के साथ अनुशासन, नैतिक मूल्यों तथा राष्ट्रहित की भावना को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।
कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद रखना तथा उनके सपनों के भारत के निर्माण में योगदान देना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से युवाओं में ज्ञान के साथ जिम्मेदारी और सामाजिक चेतना का विकास किया जा सकता है।
समकुलपति डॉ एसआर रथ ने कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना है। युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाते हुए समाज और देश के विकास में अपना योगदान देना चाहिए।
इस अवसर पर एनएसएस इकाई के स्वयंसेवकों के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे। मंच संचालन डॉ प्रीति व्यास ने किया। मौके पर विश्वविद्यालय के प्राध्यापक-प्राध्यापिकाएं, अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। पूरे परिसर में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति का वातावरण बना रहा।