आईसेक्ट विश्वविद्यालय, हजारीबाग में एनएसएस इकाई के बैनर तले एवं आईक्यूएसी के तत्वावधान में विश्व तंबाकू निषेध दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने जागरूकता रैली निकालकर तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत तंबाकू निषेध शपथ के साथ हुई। इस दौरान उपस्थित विद्यार्थियों, प्राध्यापक-प्राध्यापिकाओं व कर्मियों को तंबाकू और नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा समाज को इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई गई। इसके बाद विद्यार्थियों ने रैली निकाली। रैली के दौरान तंबाकू छोड़ो, जीवन जोड़ो, नशा मुक्त युवा, विकसित भारत की पहचान जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ गौरव शुक्ला ने कहा कि तंबाकू सेवन आज स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका है। इसके कारण अनेक जानलेवा बीमारियां जन्म लेती हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने कहा कि तंबाकू का सेवन केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही इस समस्या से निपटने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
समकुलपति डॉ एस आर रथ ने कहा कि युवा शक्ति किसी भी सामाजिक परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत होती है। यदि युवा नशामुक्त जीवन का संकल्प लें तो एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण संभव है। डीआर एडमिन राकेश मिश्रा ने कहा कि तंबाकू स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। युवाओं को इससे दूर रहकर स्वस्थ जीवन अपनाना चाहिए और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करना चाहिए। इस दौरान प्रभात किरण, कोमल पल्लवी भेंगरा, हीराधन यादव, सच्चिदानंद बेहरा सहित अन्य ने भी अपने-अपने विचार रखे।
कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ राजकुमार एवं डॉ प्रीति व्यास ने संभाली। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के रविकांत कुमार, हिमांशु चौधरी, डॉ दशरथ नाग, डॉ सत्यप्रकाश विश्वकर्मा, फरहीन सिद्दीकी, बब्लु कुमार, संजना कुमारी, अमीना खातून, सत्यार्थी ज्ञान प्रकाश, डॉ विनय पंजियार, विजय लाल, अजय कुमार, डॉ आलोक कुमार सहित कई प्राध्यापक-प्राध्यापिकाएं, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।