डीआईसीई कार्यक्रम के तहत दो पीएम श्री विद्यालयों का मार्गदर्शक संस्थान बना आईसेक्ट विश्वविद्यालय

Event Time & Date - Wed, October 28,2026
डीआईसीई कार्यक्रम के तहत दो पीएम श्री विद्यालयों का मार्गदर्शक संस्थान बना आईसेक्ट विश्वविद्यालय
नवाचार से नए आविष्कारों तक, विद्यार्थियों को मिला आगे बढ़ने का मंत्र : डॉ पंकज जैन
विद्यालय स्तर पर ही उद्यमिता की सोच विकसित करना जरूरी : प्रमोद झा
हजारीबाग। विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मक सोच और उद्यमिता की भावना विकसित करने के उद्देश्य से आईसेक्ट विश्वविद्यालय, हजारीबाग की ओर से उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय, बेलतु में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी शुरुआत मुख्य वक्ता आईआईएसएम धनबाद के सहायक प्राध्यापक डॉ पंकज कुमार जैन, सीआईआईटीएम धनबाद के निदेशक प्रमोद झा, आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद, समकुलपति डॉ एसआर रथ, विश्वविद्यालय के एनएसएस अधिकारी डॉ राजकुमार व डॉ प्रीति व्यास, पीआरओ मो शमीम अहमद, बेलतु पंचायत मुखिया जितनी देवी व स्कूल के अध्यक्ष राजु राम को विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा तैयार पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंटकर अतिथियों का स्वागत किया गया।
इस मौके पर आईआईएसएम धनबाद के सहायक प्राध्यापक डॉ पंकज कुमार जैन ने विद्यार्थियों को नवाचार के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने नए विचार विकसित करने, समस्याओं की पहचान करने तथा उनके व्यावहारिक समाधान खोजने के तरीकों पर प्रकाश डाला। वहीं सीआईआईटीएम धनबाद के निदेशक प्रमोद झा ने कहा कि विद्यालय स्तर पर ही उद्यमिता की सोच विकसित करना आवश्यक है। विद्यार्थियों को नए विचारों के साथ प्रयोग करने और समस्याओं के समाधान तलाशने के अवसर मिलने चाहिए। आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने कहा कि विद्यार्थियों में नवाचार की क्षमता विकसित करना समय की आवश्यकता है। ऐसे कार्यक्रम उनके विचारों को व्यावहारिक रूप देने में मददगार होंगे। समकुलपति डॉ एसआर रथ ने विद्यालय स्तर से ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण और उद्यमशीलता की भावना विकसित करने पर बल दिया। कार्यक्रम में डॉ राजकुमार, डॉ प्रीति व्यास और जनसंपर्क अधिकारी मो शमीम अहमद ने भी अपने अपने विचार साझा किए।
नवाचार से जुड़ी बातें जानकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। नए विचारों को नमूने और प्रारूप के रूप में विकसित करने की जानकारी ने उन्हें अपनी कल्पनाओं को साकार करने के लिए प्रेरित किया।
दरअसल यह कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, नवाचार प्रकोष्ठ तथा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के सहयोग से संचालित नवाचार संस्कृति एवं उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के प्राचार्य नंदू रविदास एवं शिक्षक रवि भूषण कुमार, रामवृक्ष राम, ओमप्रकाश सोनी, सुबोध कुमार राय, नीरज कुमार पाल, ज्ञानोदय कुमार, रूपा कुमारी, गजेन्द्र मिश्रा, सीताराम साव, प्रह्लाद साव, बिनोद साव, वीणा कुमारी, महावीर राम, अवधेश कुमार पाण्डेय, संतोष कुमार, मुरारी कुमार तिवारी, जगदीश साव सहित सभी शिक्षकों का अहम योगदान रहा। मंच संचालन शिक्षक रवि भूषण कुमार व धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य नंदू रविदास ने किया।




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