अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को आईसेक्ट विश्वविद्यालय, हजारीबाग में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के बैनर तले तथा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के तत्वावधान में विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राध्यापक-प्राध्यापिकाओं, अधिकारियों एवं कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योगाभ्यास किया।
योग शिक्षक मनीष कुमार ने वज्रासन, पवनमुक्तासन, शवासन, मयुरासन सहित अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने नियमित योग को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। योगाभ्यास में एमए योग द्वितीय सेमेस्टर के छात्रा अनुप्रिया कुमारी व मनीषा कुमारी ने सहयोग किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ गौरव शुक्ला ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति को स्वस्थ शरीर के साथ सकारात्मक सोच और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है। नियमित योग से तनाव कम होता है और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है।
समकुलपति डॉ एसआर रथ ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच योग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन का प्रभावी माध्यम है।
एनएसएस अधिकारी डॉ प्रीति व्यास व डॉ राजकुमार ने स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग को जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक बताया। साथ ही कहा कि आईसेक्ट विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों एवं कर्मियों के समग्र विकास और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने नियमित योगाभ्यास करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।